प्रकाशित 12:14 - पहाड़ी महासुई14 पर तिऐं छ़ेउड़ी कै बौड़ै उकाबा रै दुई पांखै दै, कि अजगरा काऐ कु उड़ियौ शुनशान ज़ागाह दी पौउंच़ा, ज़िऐ सै आधै बौगता झ़ांऊ धाचिआ। Viz kapitolaबग़ल्याणी14 तेबे तेसा जवाणसा खे बड़े उकाबो जेड़े दो पंख दित्ते, ताकि सापो गे ते उडी की सुनसाण जगा रे पऊँछी जाओ, जेती से एक बखत और बखतो और आदे बखतो तक पाल़ी जाओ। Viz kapitola |