प्रकाशित 10:10 - पहाड़ी महासुई10 तैबै मुंइऐ सै छ़ोटी किताब तेस सौरगदूता रै हाथा कु नीईंयौ खाई गोई। सै मैरै मुंआ दी मौआ ज़िणी मिठी ता लागी, पर ज़ैबै मुंइऐ सै खाई गोई, ता मैरौ पेट कौड़ुऔ हुई ऐरौ। Viz kapitolaबग़ल्याणी10 तेबे आऊँ से छोटी कताब स्वर्गदूतो रे आथो ते लयी की खाई गा। से मेरे मुंओ रे सईतो जेड़ी मीठी तो लगी, पर जेबे आऊँ तेसा खे खाई चुकेया, तो मेरा पेट कड़ुआ ऊईगा। Viz kapitola |