प्रकाशित 1:14 - पहाड़ी महासुई14 तेसरै मुंडा रै बाल़ ऊना ज़िणै शेतै और हिऊं ज़िणै च़ौमकिलै थै, और तेसरी आखी आगी री लपटै ज़िणी थी। Viz kapitolaबग़ल्याणी14 तेसरा सिर और बाल़ चिट्टिया ऊना जेड़े थे, बल्कि पाल़े जेड़े चमकणे लगी रे थे और तेसरिया आखी आगी री लुपिया जेड़िया थिया। Viz kapitola |