फिलिप्पियो 4:3 - पहाड़ी महासुई3 ओ सौच़्च़ै साथी, हाऊं तांउकु भी औरज़ कौराऊ कि तू तिऊं छ़ेउड़ी री मज़द कर कि सै भी मिली-ज़ुलियौ रौआ, कैलैकि तिंउऐ मुं आइलै खुशी री खौबर फैलाउणा दी, क्लेमेंस और मैरै दुजै गोश्टणु आइलै मैहनत की ई आ, तिऊं सारेऊ रै नाऊं ज़िन्दगी री किताबी दी लिखै औन्दै। Viz kapitolaबग़ल्याणी3 ओ सच्चे सहकर्मी! आऊँ तांते बिनती करूँआ कि तूँ इना जवाणसा री मेल-मिलाप करने रे मताद कर, कऊँकि इने मां साथे सुसमाचार फैलाणे दे, क्लेमेंस और मेरे ओर साथे काम करने वाल़ेया समेत मईणत कित्ती, जिना सबी रे नाओं जीवनो री कताबा रे लिखी राखे। Viz kapitola |