मत्ती 6:25 - पहाड़ी महासुई25 एथीलै हाऊं तुमुलै बोलाऊ कि आपणी ज़िन्दगी लै इणी फिकर नाईं कौरौ कि आमै का खाऊ लै और का पिऊ लै। और ना आपणै शरीरा लै कि का भिड़ु लै। का ज़िन्दगी खाणै-पिणै कु, और शरीर जुड़कै कु बौड़ियौ नाईं आ? Viz kapitolaबग़ल्याणी25 तेबेई तो आऊँ तुसा खे बोलूँआ कि आपणी जिन्दगिया रे बारे रे ये चिन्ता नि करो कि आसे क्या खाऊँगे और क्या पिऊँगे? ना आपणे शरीरो रे बारे रे कि क्या पईनुँगे? क्या जिन्दगी रोटिया ते और शरीर टालेया ते बढ़ी की निए? Viz kapitola |