मत्ती 5:45 - पहाड़ी महासुई45 ज़ेथ कौरी तुमै आपणै सौरगा रै बाबा रै लोल़डै बौणा ई कैलैकि सेऊ भौलै और बुरै लोगु माथै आपणी रुड़ी रौ प्याशौ ला सा, और धौर्मी और अधर्मी लोगु माथै पाणी ला सा। Viz kapitolaबग़ल्याणी45 ताकि तुसे आपणे स्वर्गो रे पिते रे बच्चे ठईरो, कऊँकि से खरे लोका और बुरे लोका दूँईं पाँदे आपणा सूरज निकयाल़ोआ और तर्मी लोका और पापी लोका दूँईं पाँदे बरखा करोआ। Viz kapitola |