मत्ती 5:22 - पहाड़ी महासुई22 पर हाऊं तुमुलै इणौ बोलाऊ, कि ज़ुण आपणै भाई माथै रोश कौरालौ, सेऊ कोरटा दी सौज़ा रौ हक्कदार औलौ, और ज़ुण-कुण आपणै भाई लै निकामौ बोलालौ सेऊ बौड़ी खुंबल़ी दी सौज़ा रौ हक्कदार औलौ। और ज़ुण-कुण बोलालौ ‘ओ मुर्ख’ सेऊ नौरका री आगी दी सौज़ा रौ हक्कदार औलौ। Viz kapitolaबग़ल्याणी22 पर आऊँ तुसा खे ये बोलूँआ कि जो बी आपणे पाईए पाँदे रोष करोगा, तेसखे कचैरिया रे सजा मिल़णी और जो कोई आपणे पाईए खे नकम्मा बोलोगा, तेसखे बडिया सभा रे सजा मिलणी और जो कोई दूजे खे ‘अरे मूर्ख’ बोलोगा से नरको री आगी री सजा जोगा ऊणा। Viz kapitola |