मत्ती 26:65 - पहाड़ी महासुई65 एथ माथै परधान याजकै आपणै जुड़कै च़िरै और बोलौ, “इणीऐ परमेश्वरा री बुराई कौरी आ, आबै आमुकै कासी री गवाही री ज़ुरत नाईं? शुणौ, तुमुऐ इबी एज़ी बुराई शुणी आ!” Viz kapitolaबग़ल्याणी65 तेबे प्रदान पुरोईते आपणे टाले फाड़े और बोलेया, “इने परमेशरो री निन्दा करी राखी, एबे आसा खे गवाओ री क्या जरूरत ए। देखो, तुसे एबु ये निन्दा सुणी राखी। Viz kapitola |