मत्ती 26:53 - पहाड़ी महासुई53 का तू नाईं ज़ाणदौ कि हाऊं आपणै बाबा कु औरज़ कौरी सौका ऊ, और सौ सौरगदूता री बारह पल़टणा कु भौरी मुं काऐ इबी भेज़ी सौका? Viz kapitolaबग़ल्याणी53 क्या तूँ नि जाणदा कि आऊँ आपणे पिते ते बिनती करी सकूँआ और सेयो आपणे स्वर्गदूतो रिया बारा पल़टणा ते बी जादा एबु मांगे पेजी सकोए? Viz kapitola |