मत्ती 25:15 - पहाड़ी महासुई15 तिणीऐ एकी कै पांज़ शर्फी, दुजै कै दुई शर्फी, चीज़ै कै एक शर्फी देई। तिणीऐ हर एकी लै तेसरै शक्ति रै मुताबिक दैऔ, और आपु डेई गौ दुजै देशा लै। Viz kapitolaबग़ल्याणी15 तिने एकी खे पाँज तोड़े, (एक तोड़ा मतलब पन्द्रहा साला री त्याड़ी) दूजे खे दो और तीजे खे एक, मतलब हर एकी खे तेसरी काबलियता रे मुताबिक दित्तेया और तेबे परदेशो खे चली गा। Viz kapitola |