मत्ती 24:50 - पहाड़ी महासुई50 ता तेसरौ मालिक बिण बोली तेबी वापिस आशा ज़ेबी तिणीऐ सुंच़ौ औन्दौ भी नाईं औलौ।’ Viz kapitolaबग़ल्याणी50 तो तेस दासो रा मालक एड़े दिने आऊणा, जेबे से तेसखे न्याल़दा ई ना ओ और एड़िया कअड़िया रे, जेतेखे से नि जाणदा ओ। Viz kapitola |