मत्ती 23:15 - पहाड़ी महासुई15 “ओ कौपटी शास्त्रिउओ और फरीसीउओ, तुमुलै फिटकार! तुमै एक आदमी आपणै गुटा दी आणना लै भौरी ज़ागाह दी डिआई, और ज़ैबै सेऊ वशा दी आशा सा ता तेस आपु कु दुगुणौ नौरका रै लायक चाणा ई।” Viz kapitolaबग़ल्याणी15 “ओ कपटी शास्त्री और फरीसियो तुसा खे हाय! तुसे एकी जणे खे आपणे मतो रे ल्याऊणे री तंईं सारे जल और थलो रे फिरोए और जेबे से तुसा रे मतो रे आयी जाओआ, तो तेसखे आपू ते दुगणा नरको री सजा जोगा बणाई देओए। Viz kapitola |