मत्ती 22:30 - पहाड़ी महासुई30 कैलैकि ज़िउंदै हुणा दी सै ना ता शादी कौरदै और ना शादी लै दैंदै पर सौरगा दी सौरगदूतै ज़िणै हुणै ई। Viz kapitolaबग़ल्याणी30 कऊँकि जेबे जिऊँदे ऊणे, तेबे ब्या-शादिया नि ऊणिया, पर सेयो स्वर्गो रे परमेशरो रे स्वर्गदूतो जेड़े ऊणे। Viz kapitola |