मत्ती 20:10 - पहाड़ी महासुई10 ज़ो पैहलै आशै औन्दै थै तिंउऐ सौमझ़ौ कि आमुलै भौरी मिला सा, पर तिउंलै भी पुरै दिना री दिहाड़ी मिली। Viz kapitolaबग़ल्याणी10 जो पईले थे आए रे तिने सोचेया कि आसा खे तो जादा मिलणा, पर तिना खे बी एकी दिनो री त्याड़ी एक चाँदिए रे सिक्के रे बराबर मिली। Viz kapitola |