मत्ती 19:30 - पहाड़ी महासुई30 भौरी लोग इणै ई ज़ुण आपुलै बौड़ै बौणा ई। ज़ेबी हाऊं राज़ौ बौणीयौ आशु लै तेबी सै लोग छ़ोटै हुआई। ज़ुण आपुलै छ़ोटै सौमझ़ा ई सै हुआई बौड़ै।” Viz kapitolaबग़ल्याणी30 पर एबे बऊत सारे लोक जो आपणे आपू खे एते दुनिया रे बड़े समजोए, सेयो परमेशरो री नजरा रे छोटे ऊई जाणे, और जिना खे संसार एबु छोटा समजोआ, सेयो परमेशरो री नजरा रे बड़े समजे जाणे।” Viz kapitola |