मत्ती 18:25 - पहाड़ी महासुई25 ज़ैबै कि कौरज़ वापिस दैणा लै तेस काऐ कुछ़ नाईं थौ, ता तिणीऐ आपणै राज़ै लै बोलौ, “एस और एसरी छ़ेउड़ी और एसरै लोल़डै और ज़ो कुछ़ एसरौ आ तेस सारौ बेच़ौ, और कौरज़ ओरु आणौ।” Viz kapitolaबग़ल्याणी25 जबकि तेसगे कर्ज चुकाणे खे कुछ पनि था। तेबे तेसरे मालके बोलेया, एसखे, एसरी लाड़ी, एसरे बच्चे और जो कुछ एसरे कअरो रे ए, से सब बेची देयो और तेबे एसरा कर्ज चुकदा ऊई जाणा। Viz kapitola |