मत्ती 18:18 - पहाड़ी महासुई18 “हाऊं तुमुलै सौच़्च़ौ बोलाऊ कि, ज़ो कुछ़ तुमै धौतरी माथै बानालै, सेऊ सौरगा दी बानिया और ज़ो कुछ़ तुमै धौतरी दी खोलालै, सेऊ सौरगा दी खुला। Viz kapitolaबग़ल्याणी18 “आऊँ तुसा खे सच लगी रा बोलणे कि जो कुछ तुसा तरतिया रे बानणा, से स्वर्गो रे बानेया जाणा और जो कुछ तुसा तरतिया रे खोलणा, से स्वर्गो रे खोलेया जाणा। Viz kapitola |