मत्ती 12:32 - पहाड़ी महासुई32 ज़ुण-कुण आदमी रै छ़ोहरु रै विरोधा दी कोई बूश बोलालौ, तेसरौ एऊ गुनाह माफ हुआ लौ, पर ज़ुण-कुण पवित्र आत्मा रै विरोधा दी कुछ़ बोलालै, तेसरौ गुनाह ना ता लोका दी और ना परलोका दी माफ हुआ लौ।” Viz kapitolaबग़ल्याणी32 जो कोई मां माणूं रे पुत्रो रे खलाफ कोई बी गल्ल बोलोगा, तेसरा ये अपराध माफ ऊई जाणा। पर जो कोई पवित्र आत्मा रे खलाफ कुछ बी बोलोगा, तेसरा अपराध ना तो एते लोको रे और ना ई परलोको रे माफ ऊणा। Viz kapitola |