मत्ती 10:42 - पहाड़ी महासुई42 ज़ो कोई इऊं छ़ौटै मांझ़िऊ कु एकी लै मैरौ च़ेलौ ज़ाणीऔ सिरफ एक गिलासा शेल़ौ पाणी पिलावालै, हाऊं तुमुकै सौच़्च़ौ बोलाऊ, सेऊ ज़ुरुरी आपणौ इनाम पा आ।” Viz kapitolaबग़ल्याणी42 जो कोई इना छोटेया बीचा ते एकी खे बी मेरा चेला जाणी की बस एक ठण्डे पाणिए रा कटोरा पल़याओगा, आऊँ तुसा खे सच लगी रा बोलणे, तेस किंयाँ बी आपणा प्रतिफल नि खोणा।” Viz kapitola |