21 आशीष वाल़ै ई सै लोग, ज़ो आबै भुखै ई। कैलैकि तिउंलै रौज़ीयौ मिला सा और सै ज़ुण आबै लेराई सै हसा ई।
21 धन्य ए तुसे, जो एबु पूखे ए, कऊँकि रजाए जाणे, धन्य ए तुसे, जो एबु रोए, कऊँकि आसणे।