लुका 5:37 - पहाड़ी महासुई37 कोई भी आदमी अंगुरा री सूर चाणना लै ताज़ै अंगुरा रौ रस पुराणै खाल़ढै दी नाईं छ़ाड़दौ। नाईं ता अंगुरा रौ रस दख बौगता बासिऐ फैलीयौ तेस पुराणै खाल़ढै रौ थोउलौ भी पोरु च़ीरा, ज़ेथ कौरीऐ अंगुरा रौ रस और खाल़ढौ दुइया बरबाद हुआई। Viz kapitolaबग़ल्याणी37 नया अँगूरा रा रस पुराणे खल्लड़ुआ रे कोई नि परदा, नई तो नया अँगूरा रा रस खल्लड़ुआ खे फाड़ी की बारे निकल़ी जाणा और खल्लड़ुआ रा बी नाश ऊई जाणा। Viz kapitola |