लुका 18:4 - पहाड़ी महासुई4 काफी बौगता झ़ांऊ ता तिणीऐ तिंआरी कौन्थशुणी की पर आखरी दी तिणीऐ आपणै ज़िवा दी विच़ार कियौ कि ना ता हाऊं परमेश्वरा कु डौरदौ और ना कासी आदमी री परवाह कौरदौ। Viz kapitolaबग़ल्याणी4 से थोड़े बखतो तक नि मानेया पर आखरी रे तिने सोचेया कि हालाँकि आऊँ ना परमेशरो ते डरदा और ना ई मांणूआ री परवा करदा, Viz kapitola |