लुका 12:45 - पहाड़ी महासुई45 अगर सेऊ दास सुंच़ा लौ मैरौ मालिक ता कुछ़ दिना झ़ांऊ वापिस ना आशदौ और दुजै नुकरा लै दुःख दैणौ शुरु कौरालौ, और आपुलै खाणै पिणै रौ इन्तज़ाम कौरालौ और सूर पिआ लौ। Viz kapitolaबग़ल्याणी45 पर जे से दास सोचणे लगो कि मेरा मालक आऊणे रे देर करने लगी रा और दास-दासिया खे कुटणे-फानणे और खाणे-पीणे और पियक्कड़ ऊणे लगो Viz kapitola |