लुका 12:17 - पहाड़ी महासुई17 तैबै सेऊ सेठ आपणै मौना दी विच़ार कौरदै लागौ कि आबै हाऊं किणौ कौरुलौ कैलैकि मुकै इऐं फौसली छ़ाड़ना लै भौरी ज़ागाह नाईं आसती।’ Viz kapitolaबग़ल्याणी17 तेबे से आपणे मनो रे सोचणे लगेया कि आऊँ क्या करुँ? कऊँकि मांगे तो जगा निए, जेती आपणी फसल बगैरा राखूँ। Viz kapitola |