लुका 10:40 - पहाड़ी महासुई40 पर मारथा रोटी चाणदै-चाणदै निराश हुई गोई थी तैबै मारथा तिऊं काऐ आशीयौ बोलदै लागी, “ओ प्रभु का ताउंकै फिकर नाईं आसती कि मेरी बौइणिऐ हाऊं कामा कौरना लै एखुली छ़ाड़ी गो ऊ? आबै इआंलै बोल कि मेरी मज़द कर।” Viz kapitolaबग़ल्याणी40 पर मार्था कअरो रा काम करी-करी की थकी गी और तिना गे आयी की बोलणे लगी, “ओ प्रभु! क्या तुसा खे पता निए कि मेरी बईणे आऊँ कअरो रा काम करने खे कल्ली छाडी ती री? तो एसा खे बोलो कि मेरी मताद कर।” Viz kapitola |