याकूब 3:2 - पहाड़ी महासुई2 आमै सारै कई बारै बिसरी ई। पर ज़ुण आदमी बोलणै दी गलती नाईं कौरदौ सेऊ ता पाकौ आदमी आ और आपणै सारौ शरीर भी काबु कौरी सौका। Viz kapitolaबग़ल्याणी2 आसे सब कई बार चूकी जाऊँए, पर जो कोई बोलणे रे नि चूकदा, सेई तो सिद्ध मांणू ए और से आपणे सारे शरीरो खे वशो रे करी सकोआ। Viz kapitola |