प्रेरित 7:49 - पहाड़ी महासुई49 ‘परमेश्वर बोला आ कि, सौरग मैरै बोशणै री ज़ागाह आ और धौतरी मैरै बांगणै छ़ाड़णै री पीड़ी मुं कालै तुमै किणौ घौर चाणा ई? और मैरै आराम कौरणै री किणी ज़ागाह औली? Viz kapitolaबग़ल्याणी49 “परमेशर बोलोआ कि स्वर्ग मेरा सिंहासन और तरती मेरे पैरो री चौकी ए, माखे तुसा केड़ा मन्दर बनाणा? मेरे आराम करने री कुण जी जगा ऊणी? Viz kapitola |