प्रेरित 4:24 - पहाड़ी महासुई24 इणै शुणियौ तिंउऐ एक मन हुइयौ ज़ोरै-ज़ोरै परमेश्वरा कु प्राथना कौरी, “ओ मालिक (प्रभु) ताऐं सौरग, धौतरी, समुन्दर और ज़ो कुछ़ एथदी आ चाणौ आ।” Viz kapitolaबग़ल्याणी24 ये सुणी की तिने एक चित्त ऊई की जोरे की परमेशरो खे बोलेया, “ओ स्वामी! तूँ सेईए जिने स्वर्ग, तरती, समुद्र और जो कुछ तिना रे बणाई राखेया, Viz kapitola |