14 ज़ैबै तिणीऐ नाईं मानौ ता आमै इणै बोलीयौ च़ुटुक थाकी गौऐ कि प्रभु री मौरज़ी पुरी हुआ।
14 जेबे से तिना ते नि मानेया, तो आसे ये बोली की चुप ऊईगे, “प्रभुए री इच्छा पूरी ओ।”