17 पर ज़ेबी सेऊ रोम शैहरा दी आशौ, ता तिणीऐ बौड़ी कोशिषा कौरी हाऊं लोड़ौ और मुकु मिलौ।
17 पर जेबे से रोम नगरो रे आया, तो बड़ी कोशिशा साथे टोल़ी की मां साथे मिलेया।