2 कुरि 5:6 - पहाड़ी महासुई6 आमुकै पुरौ विश्वास आ, कैलैकि आमै ज़ाणी ई कि ज़ेबी झ़ांऊ आमै शरीरा दी रौउंदै लागै औन्दै तेबी झ़ांऊ आमै प्रभु कु अलग ई ज़ुण सौरगा दी आ Viz kapitolaबग़ल्याणी6 तो आसे सदा इम्मत बाने रे राखूँए और ये जाणूंए कि जेबे आसे शरीरो रे रऊँए, तदुओ तक प्रभुए ते लग ए। Viz kapitola |