2 कुरि 3:2 - पहाड़ी महासुई2 आमारी चिट्ठी ता तुमैं ई आ, ज़ो आमारै ज़िवा दी आ लिखी औन्दी और तिऐं चिट्ठी सारै आदमी प्राणा और पौढ़ाई। Viz kapitolaबग़ल्याणी2 तुसे आपू ई आसा खे चिट्ठिया जेड़े ए जो आसा खे सपारिश करोए और तुसा खे सब मांणू पछयाणोए और पढ़ोए। Viz kapitola |