2 कुरि 2:5 - पहाड़ी महासुई5 अगर कुणिऐ दुःख दैऔ आ सेऊ सिरफ मुंई लै ना दैऔ, पर अगर ज़ादौ ना बोलु ता थोड़ौ-भौरी दुःख तुमुलै भी दैऔ आ। Viz kapitolaबग़ल्याणी5 जे किने दुःखी करी राखे, तो आऊँ ई नि बल्कि कुछ-कुछ तो तुसे सब लोक बी दुःखी करी राखे। आँऊ इजी रे बारे रे इजी ते जादा कुछ ओर नि बोलणा चाँदा। Viz kapitola |