2 कुरि 2:2 - पहाड़ी महासुई2 कैलैकि अगर हाऊं तुमु दु:खी कौरु, ता मुलै खुशी दैणै वाल़ौ कुण हुआ सा, सिरफ सेई ज़ुण मुंइऐ दु:खी कियौ आ? Viz kapitolaबग़ल्याणी2 कऊँकि तेती आई कि जे आऊँ ई तुसा खे दुःखी करुँ तो माखे खुश करने वाल़ा कुण ऊणा, बस सेई जो मैं दुःखी कित्तेया? Viz kapitola |