2 कुरि 12:6 - पहाड़ी महासुई6 कैलैकि अगर हाऊं घमण्ड कौरणौ च़ाऊ लौ ता मुर्ख नाईं औन्दौ, कैलैकि सौच़्च़ौ बोलाऊ। तैबै भी आपु घमण्डा कौरणै कु रोका ऊ, कैलैकि हाऊं नाईं च़ांहादौ कि कुण मेरी एथकु ज़ादी बौड़ाई कौरा ज़ो सै मेरी ज़िन्दगी देखा और मुकु वचन शुणा आ। Viz kapitolaबग़ल्याणी6 जे आऊँ कमण्ड करना चाऊँ बी तो मूर्ख नि ऊणा, कऊँकि सच बोलूँगा। पर आँऊ आपणे आपू खे कमण्ड करने ते रोकूँआ। कऊँकि लोक जेड़ी मेरी जिन्दगिया खे देखोए और मांते उपदेश सुणोए तिजी ते जादा बढ़ी की माखे कुछ बी नि समजो। Viz kapitola |