2 कुरि 11:16 - पहाड़ी महासुई16 हाऊं तौंइऐ बोलाऊ, कोई मुं मुर्ख ना सौमझ़ा लौ। नाईं ता मुर्ख ई सौमझ़ियौ मेरी सहन कौरौ, ताकी थोड़ौ ज़ेई हाऊं भी घमण्ड कौरी बोलु। Viz kapitolaबग़ल्याणी16 आऊँ फेर बोलूँआ कि कोई माखे मूर्ख नि समजो। पर जे तुसे आँऊ एड़ा मानी ला रा तो माखे मूर्ख ई समजी की सईन करी लो, ताकि आऊँ बी थोड़ा जा कमण्ड करुँ। Viz kapitola |