1 पतरस 4:1 - पहाड़ी महासुई1 एथीलै ज़ेबी मसीहै शरीरा दी दुःख उठाऔ, ता तुमुऐ भी दु:ख उठाउणा लै तेस स्वभाव आइलै त्यार औणौ च़ांई, ज़िणौ तेसरौ थौ, अगर तुमै मसीह लै दु:ख उठाउणा लै त्यार ई ता तुमुऐ पाक्कौ सुंच़ी ऐरौ आ कि पाप नाईं कौरणौ। Viz kapitolaबग़ल्याणी1 इजी री खातर जेबे मसीहे आपणे शरीरो रे ऊई की दु:ख उठाया, तो तुसे बी सेई इच्छा राखी की दुःख सईन करने खे त्यार रओ। कऊँकि जे तुसे मसीह खे दुःख सईन करने खे त्यार ओ, तो तुसे पाप करना छाडीता। Viz kapitola |