1 कुरि 9:18 - पहाड़ी महासुई18 ता मेरी केज़ी मज़दुरी आ? एऊ कि हाऊं खुशी री खौबरी रौ परचार मुफ्तिऐ कौरुलौ, इदरा झ़ांऊ कि खुशी री खौबरी दी ज़ो मैरौ हक्क आ तेस भी हाऊं पुरी रीती कौरी इस्तेमाल नाईं कौरु। Viz kapitolaबग़ल्याणी18 तो फेर मेरी कुण जी मजदूरी ए? से ये कि आँऊ बिना कुछ लये सुसमाचारो रा प्रचार मुफ्तो रे करूँआ। और सुसमाचारो ते जूड़े आपणे अक्को रा पुरा इस्तेमाल नि करदा। Viz kapitola |