1 कुरि 8:4 - पहाड़ी महासुई4 ता आबै हाऊं खाणै रै बारै दी पुछ़ै औन्दै सवाला रौ ज़वाब दैणौ च़ाहा ऊ। आमै ज़ाणी ई सिरफ एका ज़िउंदौ परमेश्वर आ और ज़ेती भी इऐं दुनिया दी मूर्ती सी तिऊंदी कोई भी ज़िन्दगी नाईं आसती। Viz kapitolaबग़ल्याणी4 तो फेर आँऊ मूर्तिया रे सामणे बलि कित्ती रिया चीजा खे खाणे रे बारे रे उतर देणा चाऊँआ। आसे जाणूंए कि मूर्ति दुनिया रे कोई चीज निए और एकी खे छाडी की ओर कोई परमेशर निए। Viz kapitola |