1 कुरि 6:7 - पहाड़ी महासुई7 ज़ेबी तुमु मांझ़िऐ एक विश्वासी दुजै विश्वासी कोरटा दी निंआई ता ज़िणौ एक विश्वासी ऐ मिली-ज़ुलियौ ज़िन्दगी ज़िउणी च़ांई तेथदी तुमै नाकाम हुई गौऐ ई। तुमुऐ ता इणौ कौरणौ च़ांई कि तुमै दुजेऊ री बुराई सहन कौरा, और आपणौ नुकसान औणै दैऔ। Viz kapitolaबग़ल्याणी7 जे तुसा बीचे एकी दूजे रे खलाफ चगड़े रा मुकद्दमा चली रा ओ तो तुसे पईले ई आरी चुके रे। इजी रे बजाए तुसे ये अन्याय कऊँ नि सईन करदे? आपणा नुकशाण कऊँ नि सईन करदे? Viz kapitola |