1 कुरि 4:4 - पहाड़ी महासुई4 कैलैकि मैरौ मन मुं केज़ी भी बुशा दी दोषी नाईं चाणदौ, पर इणै कौरी हाऊं बिणा गौलती वाल़ौ नाईं बौणदौ कैलैकि मुं पौरखणै वाल़ौ प्रभु आ। Viz kapitolaबग़ल्याणी4 कऊँकि मेरा विवेक माखे केसी बी गल्ला रे दोषी नि ठरांदा, पर इजी ते आऊँ निर्दोष नि ठईरदा कऊँकि मेरा परखणे वाल़ा प्रभु ए। Viz kapitola |