1 कुरि 2:1 - पहाड़ी महासुई1 ओ मैरै प्यारै साथी विश्वासिउओ, हाऊं तुमु काऐ ना ता बौड़ी-बौड़ी बुशु बोलदै आशौ और ना औकलमंद बौणनै री कोशिश कौरी पर हाऊं ता इदै परमेश्वरा री खौबर शुणाउंदै आशौ थौ। Viz kapitolaबग़ल्याणी1 ओ साथी विश्वासियो! जेबे आऊँ परमेशरो रा पेत सुणांदा ऊआ तुसा गे आया था, तो आँऊ बड़े शब्दा रा या मांणूआ रे ज्ञानो रा इस्तेमाल नि कित्तेया। Viz kapitola |