1 कुरि 15:32 - पहाड़ी महासुई32 अगर हाऊं आदमी री रीती माथै इफिसुसा दी ज़ांगल़ी जानवरु आइलै लौड़ौ ता मुलै का फाइदौ हुऔ आ? अगर मौरै औन्दै ज़िवा लै नाईं, “ता आशौ, खाई पीई लै, कालै ता इणी भी मौरी आ।” Viz kapitolaबग़ल्याणी32 जे आऊँ मांणूआ री रीतिया ते इफिसुसो रे बणो रे डांगरा ते लड़ेया, तो माखे क्या फाईदा ऊआ? जे मुड़दे जिऊँदे नि कित्ते जाओगे, “तो आओ, खाओ-पीओ, कऊँकि काल तो मरी ई जाणे।” Viz kapitola |