1 कुरि 13:1 - पहाड़ी महासुई1 अगर हाऊं आदमी और सौरगदूतु री बोली बोलु और दुजेऊ आइलै प्यार ना छ़ाड़ु, ता हाऊं टण-पणादौ पितल़ और छ़ण-छ़णांदी झांझ ऊ। Viz kapitolaबग़ल्याणी1 जे आऊँ मांणूआ रिया और स्वर्गदूता रिया पाषा बोलूँ और प्यार नि राखूँ, तो आऊँ ठणठणादा ऊआ पीतल़ और छणछण करदी ऊई झांजर ए। Viz kapitola |