1 कुरि 10:28 - पहाड़ी महासुई28-29 पर अगर कुण तुमुलै बोलालौ कि इऐ रोटी ता मूर्ती काऐ च़ौड़ाई ऐन्दौ आ, ता तिऐं रोटी ना खाएऊ। आपणै मौना री वज़ाह कु नाईं पर तेसरै मौना री वज़ाह कु ज़ुणिऐ तुमुलै इणौ बोलौ आ। ताकी मेरी आज़ादी कास दुजै रै मौना री वज़ाह कु कम ना हुआ। Viz kapitolaबग़ल्याणी28 पर जे कोई तुसा खे बोलो कि ये तो मूर्तिया खे बलि कित्ती री चीज ए, तो तेस बताणे वाल़े री बजअ ते और विवेको री बजअ ते नि खाओ। Viz kapitola |