14 एज़ी वज़ाह कु, ओ मैरै प्यारै साथी विश्वासिउओ, मूर्ती पुज़ा कु दूर रौएऊ।
14 इजी बजअ ते ओ मेरे साथी विश्वासियो, मूर्तिपूजा ते बचे रे रओ।