रोमियन 15:20 - Bagheli Bible20 पय हमरे मन के इच्छा इआ ही, कि हम उहाँ खुसी के खबर सुनाई, जहाँ कउनव मनई मसीह के नाम तक नहीं जानँय, कहँव अइसा न होय, कि जहाँ दूसर मनई खुसी के खबर सुनाय चुके हँय, जउन एकठे घर के नेव कि नाईं हय, हम उहाँ खुसी के खबर सुनाई, जउन दुसरे के नेव माहीं घर बनामँइ के समान हय। Viz kapitola |