रोमियन 14:5 - Bagheli Bible5 अउर कउनव मनई एक दिन काहीं दुसरे दिन से बढ़िके मानत हय, अउर कउनव मनई सगले दिनन काहीं एक समान मानत हय, त हरेक जन काहीं अपने मन माहीं संका न करँइ चाही, बलकिन इआ निस्चित कइ लेंय चाही, कि हम पंचे जउन मानित हएन उआ ठीक हय। Viz kapitola |