मत्ती 6:16 - Bagheli Bible16 “जब तूँ पंचे उपासे रहा, त कपटी मनइन कि नाईं तोंहरे मुँहे माहीं उदासी न छाई रहय, काहेकि कपटी मनई इआ देखामँइ के खातिर आपन मुँह उदास कए रहत हें, कि जउने सगले मनई इआ जानँय कि ऊँ पंचे उपासे हँय, हम तोंहसे पंचन से सही-सही कहित हएन, कि ऊँ पंचे आपन प्रतिफल पाय चुके हँय। Viz kapitola |