21 अउर तूँ पंचे परमातिमा के प्रेम माहीं मजबूत बने रहा, अउर उआ दिन के इन्तजार करा, जब हमरे पंचन के प्रभू यीसु मसीह के दया, तोहईं पंचन काहीं अनन्त जीबन देई।